
नर्मदापुरम / प्रसिद्ध पुरातत्वविद् नारायण व्यास को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 के पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किए जाने घोषणा की गयी है। यह सम्मान भारतीय इतिहास, सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में उनके दशकों लंबे योगदान की राष्ट्रीय स्वीकृति है। रविन्द्र पुस्तकालय एवं शोध संस्थान के शुभारंभ अवसर पर नर्मदापुरम पधारे डॉ. व्यास का अभिनंदन किया गया साथ ही सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. हंसा व्यास की नवीन कृति ऐतिहासिक विरासत एवं पर्यटन का विमोचन भी संपन्न हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कृष्णगोपाल मिश्र ने कहा कि श्री व्यास ने अपने जीवन का अधिकांश समय देश के विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों में प्राचीन स्थलों, शिलालेखों और ऐतिहासिक अवशेषों के अध्ययन एवं संरक्षण में समर्पित किया। उनके शोध कार्यों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. हंसा व्यास ने किया। इस अवसर पर गोपीकांत घोष, बलराम शर्मा, डॉ. संतोष व्यास, कमलेश सक्सेना, डॉ. कल्पना विश्वास, रमेशचंद्र गार्गव, खेमचंद्र यादवेश, प्रगति दुबे, कपिल गौर, शिवम शिवहरे, पुलकित दुबे, प्रियंका सोनी, हेमंत शर्मा, अंकित शर्मा, श्याम बिजोरिया, सुमेर आदि बड़ी संख्या में शोधार्थी उपस्थित रहे।

